ARVIND
Oct 9, 2018
चलते चलते (४९ )
बात करो तो लफ़्ज़ों से भी ख़ुशबू आती है,
लगता है उस लड़की को भी उर्दू आती है.
~आलोक श्रीवास्तव
चलते चलते (४८ )
ख़्वाईशो के बोझ में बशर,तू क्या क्या कर रहा है, इतना तो जीना भी नहीं,जितना तू मर रहा है...!
चलते चलते (४७ )
हासिल-ए -जिंदगी हसरतों के सिवा कुछ भी नहीं ये मिला नहीं, वो किया नहीं,ये हुआ नहीं, वो रहा नहीं.....
#JaunEliya
Jul 25, 2018
Tomato Soup For Heart (9)
May 28, 2018
चलते चलते (४६ )
मेरे दुश्मन को है मालूम मेरी दुश्मनी की हद
कहीं जाना हो तो बच्चे मेरे घर छोड़ जाता है
चलते चलते (४५ )
अब जो रिश्तों में बँधा हूँ तो खुला है मुझ पर कब परिंद उड़ नहीं पाते हैं परों के होते
May 21, 2018
चलते चलते (४४ )
किताबें खूब पढ़ो, किताबे पढ़ने में कोई हर्ज नही है।
ज़िन्दगी जी के पता चला की बहुत कुछ अभी भी है जो"किताबो"में दर्ज नही है।
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